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देव दीपावली 2026: मूलांक के हिसाब से दीया और दान (1 से 9)

Akanshha Joshii, Numerologist, Astrologer & Vastu Expert at Numastroguide · अपडेट 6 नवंबर 2026

देव दीपावली 2026: मूलांक के हिसाब से दीया और दान (1 से 9)

सीधा जवाब

देव दीपावली 2026 मंगलवार, 24 नवंबर को है। वाराणसी में प्रदोष मुहूर्त शाम 5:08 से 7:47 तक है (Drik Panchang)। Akanshha Joshii की सलाह: जितना आपका मूलांक, उतने दीये जलाइए (मूलांक 1 के लिए 1 दीया, मूलांक 9 के लिए 9 दीये), और अपनी क्षमता के हिसाब से दान दीजिए। यह आप घर पर भी कर सकते हैं।

अपना मूलांक निकालिए: जिस तारीख़ को आप पैदा हुए, उसके अंक तब तक जोड़िए जब तक एक अंक न बचे। 24 को जन्म हुआ? 2 + 4 = 6, तो आपका मूलांक 6 है। अपना ग्रह, शुभ दिन और रंग के साथ पूरी reading के लिए free [अपना मूलांक जानिए](/hi/mulank) check use करें।

अपना मूलांक निकालें

अपनी क्षमता के हिसाब से दान

“दान हमेशा अपनी क्षमता के हिसाब से करें। सबसे ज़रूरी बात है कि दान श्रद्धा से और बिना किसी उम्मीद के किया जाए।” Akanshha Joshii

अपनी क्षमता के हिसाब से दान: श्रद्धा से, बिना किसी उम्मीद के

देव दीपावली 2026 की तारीख़ और समय

सारे समय वाराणसी के हैं, Drik Panchang से लिए गए (drikpanchang.com, Dev Deepawali page)। दूसरे शहरों में फ़र्क होता है, इसलिए अपना शहर वहाँ check कीजिए।

क्यातारीख़ और समय (वाराणसी)
देव दीपावली (कार्तिक पूर्णिमा)मंगलवार, 24 नवंबर 2026
पूर्णिमा तिथि23 नवंबर रात 11:42 से 24 नवंबर रात 8:23 तक
प्रदोषकाल देव दीपावली मुहूर्तशाम 5:08 से 7:47 (2 घंटे 39 मिनट)

दीये शाम को प्रदोष मुहूर्त में जलाए जाते हैं। वाराणसी में पूर्णिमा तिथि 24 नवंबर को रात 8:23 पर खत्म होती है, तो पूरा मुहूर्त इसी के अंदर है।

देव दीपावली किस बारे में है

देव दीपावली को देवताओं की दीवाली भी कहा जाता है। यह कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का वध किया था और तीनों लोकों को उसके अत्याचार से मुक्ति दिलाई थी। भगवान शिव की इस विजय की खुशी में देवताओं ने काशी, यानी वाराणसी में दीप जलाकर उत्सव मनाया था। तभी से कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली मनाने की परंपरा चली आ रही है। Drik Panchang इसे त्रिपुरोत्सव भी कहता है।

इस दिन गंगा के घाटों पर हज़ारों दीये जलाए जाते हैं। दीपदान, पूजा और दान का भी विशेष महत्व माना जाता है।

इस दिन के numbers

वही नियम जो हमारे free tools use करते हैं:

  • •24 नवंबर एक 6 तारीख़ है (2 + 4 = 6), जिसके स्वामी शुक्र हैं।
  • •पूरी तारीख़ 24-11-2026 का जोड़ 2+4+1+1+2+0+2+6 = 18 है, और 1 + 8 = 9, जिसके स्वामी मंगल हैं।

मूलांक के हिसाब से देव दीपावली पर दीया और दान

नीचे दीयों की गिनती और दान Akanshha Joshii की अपनी सलाह है। अगर परिवार की अपनी परंपरा है, तो वही रखिए। दीया जलाते समय अपने इष्ट देव को याद करें और अच्छे भाव से प्रार्थना करें।

Chart: मूलांक 1 से 9 के लिए देव दीपावली पर कितने दीये और क्या दान

मूलांक 1 (जन्म 1, 10, 19, 28 को) · सूर्य

  • •दीया: 1 दीया: सूर्य की ऊर्जा, आत्मविश्वास और नेतृत्व के लिए।
  • •दान: गेहूँ, गुड़ या ताँबे के बर्तन।

मूलांक 2 (जन्म 2, 11, 20, 29 को) · चंद्र

  • •दीया: 2 दीये: चंद्र की ऊर्जा, मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन के लिए।
  • •दान: चावल, दूध या सफ़ेद कपड़े।

मूलांक 3 (जन्म 3, 12, 21, 30 को) · गुरु

  • •दीया: 3 दीये: गुरु की ऊर्जा, ज्ञान और समृद्धि के लिए।
  • •दान: हल्दी, चने की दाल या पीले कपड़े।

मूलांक 4 (जन्म 4, 13, 22, 31 को) · राहु

  • •दीया: 4 दीये: राहु की ऊर्जा को संतुलित करने और स्थिरता के लिए।
  • •दान: कंबल, जूते-चप्पल या ज़रूरतमंद को खाना।

मूलांक 5 (जन्म 5, 14, 23 को) · बुध

  • •दीया: 5 दीये: बुध की ऊर्जा, बुद्धि और आर्थिक वृद्धि के लिए।
  • •दान: हरी मूंग, stationery या पढ़ाई का सामान।

मूलांक 6 (जन्म 6, 15, 24 को) · शुक्र

  • •दीया: 6 दीये: शुक्र की ऊर्जा, रिश्तों, सुख और समृद्धि के लिए।
  • •दान: सफ़ेद मिठाई, चावल या कपड़े।

मूलांक 7 (जन्म 7, 16, 25 को) · केतु

  • •दीया: 7 दीये: केतु की ऊर्जा, आध्यात्म और आंतरिक शांति के लिए।
  • •दान: कंबल, खाना या ज़रूरतमंद लोगों की सेवा।

मूलांक 8 (जन्म 8, 17, 26 को) · शनि

  • •दीया: 8 दीये: शनि की ऊर्जा, अनुशासन, धैर्य और स्थिरता के लिए।
  • •दान: काले तिल, सरसों का तेल या जूते-चप्पल।

मूलांक 9 (जन्म 9, 18, 27 को) · मंगल

  • •दीया: 9 दीये: मंगल की ऊर्जा, साहस, शक्ति और दृढ़ता के लिए।
  • •दान: मसूर की दाल, गुड़ या लाल कपड़े।

Akanshha Joshii के शब्दों में

“किसी भी आध्यात्मिक अभ्यास का असली उद्देश्य भक्ति, सकारात्मकता और आत्म-अनुशासन होना चाहिए।”

तेल, घी और बाती: क्या हर मूलांक के लिए अलग चाहिए?

नहीं। Akanshha Joshii के अनुसार, हर मूलांक के लिए अलग तेल या बाती ज़रूरी नहीं है। शुद्ध घी का दीया जलाना एक शुभ पारंपरिक तरीका है, और आप सरसों के तेल का दीया भी जला सकते हैं। वे साधारण मिट्टी के दीये इस्तेमाल करने को कहती हैं। घी या तेल अपनी परंपरा और सुविधा के हिसाब से चुनिए। इस दिन श्रद्धा, सफ़ाई और भक्ति सबसे ज़रूरी हैं।

घर पर कैसे करें

हर किसी के लिए वाराणसी जाना संभव नहीं होता। Akanshha Joshii के आसान कदम:

  1. सुबह घर की अच्छे से सफ़ाई करें और पूजा घर को साफ़ रखें।
  2. शाम को घर के मंदिर में भगवान विष्णु और शिव जी की पूजा करें।
  3. अपने मूलांक के हिसाब से दीये जलाएँ।
  4. घर के दरवाज़े और balcony में सुरक्षित तरीके से दीये रखें।
  5. विष्णु सहस्रनाम, शिव मंत्र या अपने इष्ट देव का मंत्र जपें।
  6. अपनी क्षमता के हिसाब से किसी ज़रूरतमंद को खाना, कपड़े या काम की चीज़ें दान करें।

अगर आप नदी के पास नहीं जा सकते, तो घर पर ही एक साफ़ जगह पर दीया जलाकर गंगा माँ और भगवान शिव का ध्यान करें।

देव दीपावली पर आम गलतियाँ

  1. सिर्फ़ दीया जलाने को रस्म समझना और प्रार्थना या कृतज्ञता को भूल जाना।
  2. अपनी क्षमता से ज़्यादा दान करना और बाद में पैसे का दबाव लेना।
  3. दीये जलाकर उन्हें असुरक्षित जगह पर छोड़ देना।
  4. घर की सफ़ाई और पूजा की बुनियादी तैयारी को नज़रअंदाज़ करना।
  5. रस्मों को मुकाबला बनाना और दूसरों से तुलना करना।
  6. बिना समझे social media पर देखे हर उपाय को मानना।

FAQ

सवाल पर टैप करें

देव दीपावली 2026 कब है?

देव दीपावली 2026 मंगलवार, 24 नवंबर को, कार्तिक पूर्णिमा पर है। पूर्णिमा तिथि 23 नवंबर रात 11:42 से 24 नवंबर रात 8:23 तक है (वाराणसी, Drik Panchang)।

देव दीपावली 2026 का मुहूर्त क्या है?

वाराणसी में प्रदोषकाल मुहूर्त शाम 5:08 से 7:47 है, 2 घंटे 39 मिनट (Drik Panchang)। दूसरे शहरों में फ़र्क होता है, इसलिए अपना शहर वहाँ check कीजिए।

देव दीपावली क्यों मनाई जाती है?

पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था। इस विजय की खुशी में देवताओं ने काशी (वाराणसी) में दीप जलाकर उत्सव मनाया था, और तभी से यह परंपरा चली आ रही है।

देव दीपावली पर कितने दीये जलाने चाहिए?

Akanshha Joshii की सलाह है जितना आपका मूलांक, उतने दीये: मूलांक 1 के लिए 1, मूलांक 2 के लिए 2, और ऐसे ही मूलांक 9 के लिए 9।

देव दीपावली पर क्या दान दे सकते हैं?

हर मूलांक की list ऊपर है, जैसे मूलांक 1 के लिए गेहूँ या गुड़, मूलांक 2 के लिए चावल या दूध। दान हमेशा अपनी क्षमता के हिसाब से करें।

क्या मूलांक के हिसाब से अलग तेल या बाती चाहिए?

नहीं। साधारण मिट्टी के दीये में शुद्ध घी या सरसों का तेल ठीक है। अपनी परंपरा और सुविधा के हिसाब से चुनिए।

क्या देव दीपावली घर पर मना सकते हैं?

हाँ। घर साफ़ कीजिए, शाम को पूजा कीजिए, मूलांक के हिसाब से दीये जलाइए, मंत्र जपिए और क्षमता के हिसाब से दान दीजिए।

क्या देव दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा एक ही हैं?

दोनों एक ही दिन आते हैं। देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा की शाम का दीयों का त्योहार है।

हमने यह कैसे निकाला

  • •तारीख़ और समय: Drik Panchang, Dev Deepawali 2026 page वाराणसी के लिए (6 Nov 2026 को check किया)। हमने समय को round या बदला नहीं।
  • •परंपराएँ, दीयों की गिनती और दान: Akanshha Joshii के अपने जवाब (6 Nov 2026)। हर परिवार और इलाके में फ़र्क होता है।
  • •मूलांक और ग्रह: वही data जो हमारे free tools use करते हैं। मूलांक = जन्म का दिन जोड़कर एक अंक।
  • •यहाँ धन या result का कोई वादा नहीं है। यह बस आपको उस परंपरा के अंदर चुनने में मदद करता है जो आप पहले से मानते हैं।

लेखक के बारे में

Akanshha Joshii, Numerologist, Astrologer & Vastu Expert at Numastroguide। वे numbers और जन्म कुंडली को साथ में पढ़ती हैं और आसान शब्दों में समझाती हैं। Numastroguide का हर free check उनके तरीके से चलता है। वे करियर, शादी, रिश्ते, बिज़नेस और नाम सुधार पर consultation देती हैं। · Akanshha के बारे में और जानिए

Photo: Sumita Roy Dutta, CC BY-SA 4.0, Wikimedia Commons